जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस में होंगे 16 कोच, यात्रियों की क्षमता होगी दोगुनी
जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कोच की संख्या 8 से बढ़ाकर 16 करने की योजना है। इससे ट्रेन की क्षमता 530 से बढ़कर लगभग 1,060 सीट हो जाएगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने सकारात्मक रिपोर्ट भेजी है, जबकि विस्तार लागू करने की तारीख रेलवे बोर्ड तय करेगा।

जोधपुर से साबरमती के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस ट्रेन में कोच की संख्या 8 से बढ़ाकर 16 करने की योजना है। इससे ट्रेन की यात्री क्षमता 530 से बढ़कर लगभग 1,060 सीट हो जाएगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रेलवे बोर्ड के अनुरोध के बाद इस संबंध में सकारात्मक परिचालन व्यवहार्यता रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। ट्रेन में 16 कोच लगाने की अंतिम तारीख रेलवे बोर्ड द्वारा तय की जाएगी।
16 कोच होने पर 1,060 सीटें उपलब्ध होंगी
वर्तमान में जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस में एक एग्जीक्यूटिव चेयर कार और सात चेयर कार हैं। प्रस्तावित विस्तार के बाद ट्रेन में दो एग्जीक्यूटिव चेयर कार होंगी, जिनमें कुल 104 सीटें होंगी। इसके अलावा 14 चेयर कार में 956 सीटें उपलब्ध होंगी। इस तरह कुल सीटों की संख्या 1,060 हो जाएगी।
कोच की संख्या बढ़ाने के साथ ट्रेन की पूरी रेक भी बदली जाएगी। वर्तमान में सफेद रंग की रेक से चल रही इस वंदे भारत एक्सप्रेस में भविष्य में केसरिया रंग की रेक लगाए जाने की संभावना है।
बढ़ती यात्री संख्या के कारण लिया गया फैसला
ट्रेन संख्या 12461/12462 जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस जोधपुर से शुरू होने वाली पहली वंदे भारत सेवा थी। इसकी शुरुआत 9 जुलाई 2023 को हुई थी। शुरुआत के पहले आठ से नौ महीनों में ट्रेन में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन समय के साथ इसकी लोकप्रियता और मांग लगातार बढ़ी है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, 9 जुलाई 2023 से 30 जून 2026 के बीच इस ट्रेन ने कुल 4,646 यात्राएं पूरी कीं और 13 लाख से अधिक यात्रियों को सफर कराया। वर्तमान में ट्रेन की क्षमता 530 सीटों की है, जबकि प्रतिदिन लगभग 600 से 650 यात्रियों की टिकट मांग सामने आ रही है।
यात्रियों की बढ़ती संख्या और सीटों की मांग को देखते हुए ट्रेन की क्षमता दोगुनी करने की योजना बनाई गई है। इससे जोधपुर, राजस्थान और गुजरात के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध हो सकेंगी।









