राजस्थान AI-ML पॉलिसी 2026 लागू, शिक्षा, स्टार्टअप और डिजिटल विकास को मिलेगा बढ़ावा
राजस्थान सरकार ने AI और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए AI-ML पॉलिसी 2026 लागू की है। इसके तहत AI शिक्षा, डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, स्टार्टअप प्रोत्साहन और डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। Google, IIT दिल्ली और NLU जोधपुर के साथ हुए समझौतों से राज्य में AI रिसर्च और तकनीकी कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।

राजस्थान सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के क्षेत्र में नवाचार, शोध और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए AI-ML पॉलिसी 2026 लागू की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 का उद्घाटन करते हुए इस नीति के साथ कई महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए। इस पहल का उद्देश्य राजस्थान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी नवाचार, निवेश और डिजिटल गवर्नेंस का प्रमुख केंद्र बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय AI साक्षरता कार्यक्रम, राजस्थान AI-ML पॉलिसी 2026, iStart Learning Management System (LMS), राजस्थान AVGC-XR पोर्टल और राजस्थान AI पोर्टल का शुभारंभ किया गया। इन पहलों से शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, शोध संस्थानों और सरकारी सेवाओं में AI तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
## ई-गवर्नेंस को मजबूत बनाएगी AI-ML पॉलिसी
राजस्थान AI-ML पॉलिसी 2026 का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का जिम्मेदार, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जाएगा।
इस नीति के तहत राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में AI के उपयोग की संभावनाओं की पहचान की जाएगी। प्रत्येक विभाग में AI नोडल अधिकारी नियुक्त करने की व्यवस्था भी की जाएगी, जो संबंधित विभाग में AI आधारित परियोजनाओं और तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।
## डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान
नई नीति में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और साइबर सुरक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। AI सिस्टम को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं।
इसके तहत AI तकनीक में संभावित पक्षपात को कम करने, नागरिकों के डेटा की सुरक्षा करने और AI से जुड़े साइबर अपराधों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रक्रियाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही, राज्य में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
## स्कूलों और कॉलेजों में बढ़ेगी AI की पढ़ाई
राजस्थान सरकार AI शिक्षा को स्कूल स्तर से ही बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित शिक्षा और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
युवाओं, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI क्लाउड, सुरक्षित डेटा स्टोरेज और टेस्टिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इस पहल से युवाओं को नई तकनीकों का ज्ञान प्राप्त करने और भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर हासिल करने में मदद मिलेगी।
## राष्ट्रीय AI साक्षरता कार्यक्रम से आम लोगों को मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय AI साक्षरता कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य केवल तकनीकी विशेषज्ञों तक AI का ज्ञान सीमित न रखकर आम नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं तक पहुंचाना है।
इस कार्यक्रम के पहले चरण में 'AI For All' पहल के तहत चार घंटे का शुरुआती कोर्स उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल जानकारी









